ओल्ड पेंशन को लेकर कर्मचारियों ने करवाचौथ पर उठाया बड़ा कदम अब वीडियो हो रहा वायरल – Old Pension News

Old Pension News : पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा होती है, क्योंकि यह उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाए रखती है। सेवानिवृत्ति के बाद, कर्मचारी अपनी जीवनशैली में बड़े परिवर्तनों को आसानी से सहन कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनकी आजीविका के लिए एक स्थिर आय स्रोत है। पुरानी पेंशन योजना उन्हें अपने बुढ़ापे में भी स्वावलंबी बनाए रखने में मदद करती है, जिससे उन्हें अपने परिवार पर निर्भर होने की आवश्यकता कम हो जाती है। वर्तमान में इसे लागू करने को कर्मचारियों द्वारा अलग अलग हथकंडे आजमाए जा रहे। जिसके तहत कई राज्यों ने इसे लागू कर दिया है।

ओल्ड पेंशन को लेकर कर्मचारियों ने उठाया बड़ा कदम

सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली के समर्थन में और नई पेंशन स्कीम के विरोध में एक अद्वितीय और अनभूत प्रकार से आवाज उठाई है। करवा चौथ, जो पति और पत्नी के बीच प्रेम और समर्थन का पर्व है, के अवसर पर उन्होंने इस विरोध का एक वीडियो तैयार किया जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुरानी पेंशन को लेकर किए गए अब तक के प्रयास

बताते चलें, पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा न केवल उत्तर प्रदेश में, बल्कि पूरे देश में एक गर्मागरम विषय बन चुका है। इस मुद्दे पर संघर्ष की चिंगारी पहले उत्तर प्रदेश से ही उठी थी, जहाँ विजय बंधु के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली की जंग शुरू की थी। इस जंग में उन्होंने कई रणनीतियाँ अपनाईं और विभिन्न तरीकों से अपनी आवाज को बुलंद किया।

सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक, उन्होंने हर संभव कोशिश की कि उनकी आवाज सरकार तक पहुँचे। सांसदों के घरों की घंटियाँ बजाकर, पैदल मार्च निकालकर, और पौधा रोपण करके उन्होंने अपने संघर्ष को और भी मजबूती प्रदान की। सोशल मीडिया पर ‘वोट फॉर ओपीएस’ और ‘निजीकरण भारत छोड़ो’ जैसे अभियानों को कई बार ट्रेंड कराया गया। इसके अलावा, उन्होंने 18 हजार किलोमीटर लंबी रथ यात्रा निकालकर देश भर के कर्मचारियों को अपने संघर्ष में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

अंतत: 1 अक्टूबर 2023 को दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक रैली में उन्होंने देश भर से आए कर्मचारियों को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए लड़ने का संदेश दिया। इस रैली के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी मांगों को और भी मजबूती से उठाया, बल्कि यह भी दिखाया कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। यह संघर्ष आज भी जारी है और कर्मचारी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।

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