RBI Big News Today: भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक 3 जून 2026 से शुरू हुई थी इसके बाद 5 जून को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत फैसलों की घोषणा की इस बार की बैठक में लिए गए निर्णय का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था निवेशकों उद्योगों और आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है आईए जानते हैं आरबीआई की ओर से किए गए पांच बड़े ऐलान।
महंगाई का अनुमान बढ़ाया गया
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1 फ़ीसदी कर दिया है इससे पहले केंद्रीय बैंक में महंगाई दर 4.6 फ़ीसदी रहने का अनुमान जताया था आरबीआई के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है इसी वजह से महंगाई के पूर्वानुमान में संशोधन किया गया है
सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आरबीआई ने सरकारी प्रतिभूतियों के दायरे को और विस्तृत किया है केंद्रीय बैंक ने घोषणा की है की फुली एक्सेसिबल रूट के तहत अब 15 साल 30 साल और 40 साल की अवधि वाले सरकारी बॉन्डों को भी निर्देशित प्रतिभूतियों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा माना जा रहा है कि इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा सरकार की उधारी को सहारा मिलेगा और घरेलू बोंडा बाजार को मजबूती मिलेगी
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
आरबीआई ने इस बार रेपो रेट को 5.25 फ़ीसदी पर ही बनाए रखने का फैसला किया है मौद्रिक नीति समिति में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एमपीसी ने अपनी नीति का रूप न्यूट्रल बनाए रखने का फैसला किया है इसके अलावा स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी की दर 5.00 फीसदी मार्जिनल स्टैंडिंग फेसेलिटी की दर 5.50 फीसदी यथावत रखी गई है

जीडीपी ग्रोथ हनुमान में कटौती
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटा दिया है पहले जहां वृद्धि दर 6.99 फीसदी रहने का अनुमान था वहीं अब इसे 6.6 फ़ीसदी कर दिया गया है केंद्रीय बैंक ने पहली तिमाही का अनुमान 6.8 फीसदी से घटाकर 6.6 फ़ीसदी दूसरी तिमाही का 6.7 फीसदी से घटाकर 6.3 फ़ीसदी और तीसरी तिमाही का 7.0 फीसदी से घटाकर 6.5 फ़ीसदी और चौथी तिमाही का अनुमान 7.2 की फीसदी से काम करके 6.8 की फीसदी कर दिया है यह संकेत देता है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है
मानसून और एललीनो को लेकर खाद्य बड़ी चिंता
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि खाद्य महंगाई अभी भी चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है केंद्रीय बैंक के अनुसार आने वाले समय में मानसून की स्थिति कृषि उत्पादन और खाद्य पदार्थों की कीमतों को प्रभावित कर सकती है आरबीआई का मानना है कि फिलहाल महंगाई के मूल दबाव नियंत्रण में है लेकिन यदि दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रहता है या एलनीनो की स्थिति बनती है तो खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित हो सकता है ऐसे हालात में खाद्य महंगाई बढ़ने का जोखिम रहेगा और महंगाई के पूरे परिदृश्य में अनिश्चित भी बढ़ सकती है






