RBI Deposit Interest Rate Norms News: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों में जमा राशि पर ब्याज दर तय करने के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है इस संबंध में आरबीआई ने 5 जून 2026 को इंटरेस्ट रेट ओं डिपॉजिट्स अमेंडमेंट डायरेक्शंस 2026 का ड्राफ्ट जारी करते हुए बैंकों वित्तीय संस्थानों और आम जनता से सुझाव एवं प्रतिक्रिया मांगी है आरबीआई का कहना है कि इस प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य बैंकों को अपने बड़े रुपए आधारित जमा खातों की ब्याज दरें तय करने में अधिक लचीलापन देना है साथ ही सभी बैंकों द्वारा जमा ब्याज दरों की जानकारी सार्वजनिक करने के तरीके में एकरूपता बनाए रखना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है
किन संस्थानों के लिए जारी किए गए हैं ड्राफ्ट नियम
रिजर्व बैंक द्वारा कुल 6 प्रकार के बैंकिंग संस्थाओं के लिए संशोधन ड्राफ्ट जारी किए गए हैं इनमें शामिल हैं
वाणिज्यिक बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
पेमेंट बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
लोकल एरिया बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
शहरी सहकारी बैंकों के लिए ब्याज दर संशोधन निर्देश 2026
इन सभी ड्राफ्ट निर्देशों का मुख्य उद्देश्य जमा योजना पर ब्याज दर निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है
क्यों जरूरी है यह बदलाव
वर्तमान समय में बैंक बड़े जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की ब्याज दरें पेश करते हैं ऐसे में आरबीआई चाहता है कि बैंकों को डरे तय करने में पर्याप्त स्वतंत्रता मिले लेकिन ग्राहकों को उपलब्ध जानकारी स्पष्ट और समान रूप से प्रदर्शित की जाए इस कदम से बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद है और ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की जमा योजना की तुलना करने में भी आसानी होगी
20 जून तक भेज सकते हैं सुझाव
आरबीआई ने सभी संबंधित पक्षों बैंकिंग विशेषज्ञों और आम नागरिकों से इन प्रस्तावित नियमों पर अपनी राय देने का आग्रह किया है इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं 20 जून 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं
सुझाव भेजने के तरीके
रिजर्व बैंक में फीडबैक भेजने के लिए दो माध्यम उपलब्ध कराए हैं आरबीआई की वेबसाइट के माध्यम से सुझाव आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कनेक्ट टू रेगुलेट ऑप्शन के जरिए भेजे जा सकते हैं संबंधित ड्राफ्ट दस्तावेज के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करके सीधे प्रतिक्रिया दर्ज की जा सकती है दूसरा ईमेल के माध्यम से इच्छुक व्यक्ति ईमेल के जरिए भी अपने सुझाव भेज सकते हैं ईमेल भेजने समय विषय में संबंधित ड्राफ्ट संशोधन निर्देश का पूरा नाम और संबंधित विनियमित संस्था का प्रकार अवश्य लिखना होगा
आरबीआई का उद्देश्य
रिजर्व बैंक का मानना है कि ब्याज दरों के खुलासे और निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने से बैंकिंग प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी साथ ही बैंकों को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अपनी जमा योजना की कीमत तय करने में अधिक सुविधा मिलेगी आरबीआई द्वारा जारी यह ड्राफ्ट फिलहाल सुझावों के लिए सार्वजनिक किया गया है प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद अंतिम संशोधित दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे जो भविष्य में देश के विभिन्न बैंकिंग संस्थानों पर लागू होंगे
यह प्रेस विज्ञप्ति आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक की ओर से जारी की गई है






